सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त मध्यस्थ बुधवार दोपहर शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों से मुलाकात करने पहुंचे

सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त मध्यस्थ बुधवार दोपहर शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों से मुलाकात करने पहुंचे। वार्ताकार एडवोकेट संजय हेगड़े और एडवोकेट साधना रामचंद्रन ने सुप्रीम कोर्ट का आदेश पढ़कर सुनाया। साधना रामचंद्रन ने कहा कि जिस तरह से प्रदर्शन करना आपका हक है, उसी तरह से दूसरों का भी अधिकार है कि वे सड़कों पर चल सकें और अपनी दुकानें खोल सकें। मध्यस्थों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत से पहले मीडिया से हटने की अपील की। प्रदर्शन के चलते करीब दो महीने से बंद पड़े रास्ते को खाली करवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने के लिए मध्यस्थों की नियुक्ति की थी।



1) आपका आंदोलन का हक बरकरार: आप लोग, जो यहां पर आंदोलन कर रहे हैं.. आपके लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक बहुत अहम बात कही है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आंदोलन करने का आपका हक बरकरार है। नागरिकता संशोधन कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। इस पर सुनवाई होगी, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आपका हक छिन जाएगा। आप सबकी तरह और भी नागरिक हैं, उनके भी हक हैं। वे नागरिक जो सड़कों का इस्तेमाल करते हैं, जो दुकानदार हैं, वे भी हमारी और आपकी तरह ही नागरिक हैं। उनका भी हक है अपनी दुकान तक पहुंचना। डॉक्टर का हक है कि वो अपोलो हॉस्पिटल तक पहुंचे। लोगों को अपने काम तक पहुंचने का हक है, बच्चे अपने स्कूल पहुंचें।


2) आंदोलन आपका तो हल भी आपका होना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट कहता है कि हक वहीं तक होना चाहिए, जहां दूसरों का हक न लिया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सबके हक बरकरार होने चाहिए। यह हमारी सोसायटी है और हमें मिलजुलकर रहना है। प्रदर्शनकारियों के हक बरकरार हैं। लेकिन, सड़कों, पुल, मेट्रो, बस स्टॉप का इस्तेमाल करने वालों का हक भी बरकरार रहना चाहिए। हमें सुप्रीम कोर्ट ने आपको यह सारी बातें बताने के लिए भेजा है। हम चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने जो आदेश दिया है, हम आपके साथ मिलकर उसका हल निकालें। आंदोलन आपका है तो हल किसका होना चाहिए? क्या कोई यहां चाहता है कि किसी और का हक मारा जाए? नहीं न, इसीलिए हम आपकी बात सुनना चाहते हैं।


3) ऐसा हल निकालेंगे, जो दुनिया के लिए मिसाल बनेगा: हमारा हिंदुस्तान इसलिए है, क्योंकि हम हर एक की बात की इज्जत करते हैं। हम एक-दूसरे की बात सुनते हैं और हल निकालते हैं। हम चाहते हैं कि आप हमसे बात करें और अगर आप ऐसा नहीं चाहते हैं तो हम सुप्रीम कोर्ट को भी यही बात बोल देंगे। अगर आप चाहते हो तो हम भी आपसे बात करना चाहते हैं। हम मिलकर हल निकालेंगे। मुझे भरोसा है कि हम ऐसा हल निकालेंगे कि न सिर्फ वो हिंदुस्तान के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल बन जाएगा। पूरी दुनिया यह कहेगी कि ये है हिंदुस्तान का नागरिक जो अपनी भी सोचता है और दूसरों की भी सोचता है।


हेगड़े ने ट्विटर पर लोगों से सुझाव मांगे


शाहीन बाग पहुंचकर संजय हेगड़े ने कहा कि हमें यहां (शाहीन बाग) आने का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने दिया था। उम्मीद है कि हमारी सबसे बात होगी और सभी के सहयोग से हम मुद्दे को हल कर लेंगे। हम दोनों सुप्रीम कोर्ट के वकील हैं, हम सबको सुनने आए हैं। शाहीन बाग जाने से हेगड़े ने पहले ट्विटर पर भी गतिरोध खत्म करने के लिए लोगों से सुझाव मांगे


अदालत ने वैकल्पिक जगह तलाशने को कहा


सुप्रीम कोर्ट ने शाहीन बाग में रास्ता खोलने के लिए दायर याचिकाओं की सुनवाई के दौरान धरना देने को लोगों का अधिकार करार दिया था। अदालत ने किसी ऐसी जगह प्रदर्शन जारी रखने की सलाह दी थी, जहां यातायात बाधित न हो। कोर्ट ने मध्यस्थों को प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर रास्ता निकालने को कहा था। शाहीन बाग में पिछले दो महीने से ज्यादा वक्त से जारी धरने की वजह से कालिंदी कुंज सड़क दोनों ओर से बंद है। इससे नोएडा से सरिता विहार आने जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है